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दारुल उलुम अहले सुन्नत बरकातिया (मस्जिद करतबा) में हुयी दस्तारबंदी

११ वर्षीय इफ्तेखार अहमद रिज़वी २ साल में बने हाफ़िज़ ए कुरआन
१३ वर्षीय मोहम्मद आसिफ रज़ा बने कारी
२ हाफ़िज़, ५ आलिम १४ कारी की हुयी दस्तारबंदी

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मुम्बई – जोगेश्वरी पश्चिम के गुलशन नगर स्थित दारुल उलुम अहले सुन्नत बरकातिया (मस्जिद करतबा) में दस्तारबंदी का जलसा बड़े जोश खरोश के साथ मना. इस जलसे में तमाम उलेमा ए इकराम ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया.
इस जलसे में करीब २१ तालिबों की दस्तारबंदी हुयी. बता दें कि २ हाफ़िज़, ५ आलिम १४ कारी ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी उनकी दस्तारबंदी की गयी.

दारुल उलुम अहले सुन्नत बरकातिया (मस्जिद करतबा) में संपन्न हुए इस जलसे में मुकामी लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. इस जलसे की जेरे सरपरस्ती अल हाज सय्यद मोईन मिया साहब ने की.
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इस जलसे में अल हाज गुलाम अब्दुल क़ादिर अल्वी साहब, अल हाज अल्लाबक्श साहब, अल हाज सय्यद गुलाम हुसैन साहब, मौलाना कारी अब्दुल जब्बार साहब, मुफ्ती मंज़ूर साहब, मौलाना माशा अल्लाह निज़ामी, सय्यद तौहीद आलम साहब, मौलाना अब्दुल क़य्यूम साहब, मौलाना इरफ़ान साहब, मौलाना उस्मान साहब, कारी अब्दुल क़ुद्दूस साहब, कारी खाजा बरकतुल्लाह साहब, हाफ़िज़ अली अहमद साहब, मौलाना अफ़ज़ल साहब, मौलाना अब्दुल मुबीन साहब, हाफ़िज़ अब्दुस्सलाम साहब, मौलाना रईस साहब और मौलाना मोईनुद्दीन चिश्ती साहब (अंधेरी) समेत कई उलेमा इकराम भी मौजूद थे.

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