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देवेन भारती को मुझसे दूर रखो राजेन्द्र त्रिवेदी ने मांगा था प्रशासनिक संरक्षण

01052019

वरिष्ठ पत्रकार “अकेला”

मुम्बई पुलिस के इतिहास में शायद यह पहला ऐसा मामला होगा जिसमें एक मातहत अधिकारी ने अपने आला अधिकारी से बचने के लिए प्रशासनिक संरक्षण की मांग की होगी। सहायक पुलिस आयुक्त ( एसीपी) राजेन्द्र त्रिवेदी ने संयुक्त पुलिस आयुक्त देवेन भारती से बचने के लिए प्रशासनिक संरक्षण की मांग की थी।
राजेन्द्र त्रिवेदी शिवड़ी ठाणे के वरिष्ठ निरीक्षक थे, 3 नवम्बर 2015 को त्रिवेदी ने तत्कालीन पुलिस आयुक्त अहमद जावेद को पत्र लिखकर/मुलाकात कर देवेन भारती से बचने के लिए प्रशासनिक संरक्षण की मांग की थी। प्रशासनिक संरक्षण का मतलब था त्रिवेदी के किसी भी काम मे देवेन भारती हस्तक्षेप न करे। त्रिवेदी से सम्बंधित मामले देवेन भारती को न दिए जाएं। किसी और अधिकारी को दिए जाएं। मतलब देवेन भारती को राजेन्द्र त्रिवेदी से दूर रखा जाए। जावेद अहमद ने त्रिवेदी के उस पत्र पर ध्यान नही दिया। लेकिन देवेन भारती त्रिवेदी के उस पत्र से काफी अपमानित महसूस कर रहे थे, और त्रिवेदी को सबक सिखाना चाहते थे। हालांकि देवेन भारती के काफी दबाव के बावजूद जावेद अहमद ने त्रिवेदी का तबादला नही किया।
कुछ दिन बाद दत्ता फड़सलगिकर पुलिस आयुक्त बने। फड़सलगिकर ने त्रिवेदी का शिवड़ी ठाणे से सशस्त्र बल-3 में तबादला कर दिया। निजी मुलाकात में फड़सलगिकर ने त्रिवेदी को बताया था कि देवेन भारती ने उन्हें गुमराह करके उनका तबादला करवाया था। देवेन भारती ने फड़सलगिकर से कहा था कि कुछ एडवर्स रिमार्क्स वाले अधिकारी का तबादला करना है। सीधे साधे और बेचारे छवि वाले फड़सलगिकर ने देवेन भारती को इजाज़त दे दी।
4 अक्टूबर 2016 को त्रिवेदी ने देवेन भारती के खिलाफ दत्ता फड़सलगिकर से शिकायत की। इस शिकायत में देवेन भारती का काला चिट्ठा था। 147 पेज और 4 सीडी से युक्त इस शिकायत को फड़सलगिकर ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) संजय सक्सेना को सौंप दिया और सारे मामले में सक्सेना ने त्रिवेदी की शिकायत को सच पाया।
14 दिसम्बर 2017 को त्रिवेदी ने पुनः पुलिस आयुक्त को रिमाइंडर पत्र लिखकर देवेन भारती से बचने के लिए प्रशासनिक संरक्षण की मांग की । 19 अप्रैल 2018 को पुलिस आयुक्त कक्ष 5 ने त्रिवेदी से पत्र लिखकर पूछा कि यह प्रशासनिक संरक्षण का क्या मतलब होता है? 11 मई 2018 को त्रिवेदी ने लिखित (अपने बयान) में कक्ष 5 को विस्तार से बताया । इस बीच त्रिवेदी को आज तक प्रशासनिक संरक्षण नही मिला। बल्कि 2015 से अब तक त्रिवेदी का 7 बार तबादला कर दिया गया।
त्रिवेदी ने देवेन भारती, उपायुक्त किरण चव्हाण, उपायुक्त एन अम्बिका के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में जो याचिका दायर की है उसमें भी प्रशासनिक संरक्षण मांगे जाने का ज़िक्र किया है। याचिका की प्रति हमारे पास मौजूद है।

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